छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: अफसरों की विदेश यात्रा पर रोक, सरकारी खर्चों पर सख्ती… ई-वाहनों और डिजिटल ऑफिस को बढ़ावा
रायपुर, 16 मई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ते वित्तीय दबाव और सार्वजनिक खर्चों में अनुशासन बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने “वित्त निर्देश 14/2026” जारी करते हुए सभी विभागों, निगम-मंडलों, कलेक्टरों और शासकीय कार्यालयों के लिए मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन संबंधी निर्देश लागू कर दिए हैं। यह आदेश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा जारी आदेश में सरकारी खर्चों में कटौती के साथ संसाधनों के सीमित और प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान वित्तीय परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

सरकारी वाहनों के उपयोग पर सख्ती
निर्देश के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में अब केवल आवश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। विभागों और शासकीय संस्थानों में भी सरकारी वाहनों का सीमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
राज्य सरकार ने सभी विभागों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। इससे ईंधन खर्च कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।

पेट्रोल-डीजल खर्च में कटौती
वित्त विभाग ने सरकारी वाहनों में ईंधन उपयोग को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्च को न्यूनतम स्तर तक सीमित रखने कहा गया है। अधिकारियों को एक ही दिशा में जाने पर वाहन पूलिंग व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
विदेश यात्राओं पर पूरी तरह रोक
सरकार ने शासकीय खर्च पर होने वाली विदेश यात्राओं पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में मुख्यमंत्री की अनुमति से ही विदेश यात्रा संभव होगी।

बैठकों में डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा
विभागों को निर्देशित किया गया है कि अनावश्यक भौतिक बैठकों से बचा जाए। बैठकों का आयोजन यथासंभव ऑनलाइन माध्यम से किया जाए और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाए। नियमित समीक्षा बैठकों को भी वर्चुअल मोड में आयोजित करने कहा गया है।
ऑफिसों में बिजली बचत अभियान
कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद सभी विद्युत उपकरण जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद करना अनिवार्य किया गया है। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए विशेष निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।
पेपरलेस ऑफिस पर जोर
सरकार ने ई-ऑफिस और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए निर्देश जारी किए हैं। बैठकों में प्रिंटेड दस्तावेजों की जगह पीडीएफ और डिजिटल फाइलों का उपयोग किया जाएगा। कार्यालयीन पत्राचार और नोटशीट भी ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।
iGOT पोर्टल से होगा प्रशिक्षण
सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम अब भौतिक रूप से आयोजित करने के बजाय iGOT कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से कराए जाएंगे। विभागों को अपने विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल इस पोर्टल पर अपलोड करने कहा गया है।
सरकार ने सभी विभागों और अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि राज्य में खर्च नियंत्रण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में यह बड़ा कदम है।









